रूस ने EnteroMix और mRNA कैंसर वैक्सीन पेश की, शुरुआती ट्रायल में 100% सफलता। भारत में उपलब्धता कब होगी? जानिए पूरी खबर।
कैंसर के इलाज में नई उम्मीद
दुनिया भर में कैंसर से लड़ाई लंबे समय से जारी है। कीमोथेरेपी और रेडिएशन के साइड इफेक्ट्स मरीजों को कमजोर कर देते हैं। ऐसे में रूस ने एक नई उम्मीद जगाई है। EnteroMix और पर्सनलाइज्ड mRNA कैंसर वैक्सीन ने शुरुआती नतीजों में चौंकाने वाली सफलता दिखाई है।
EnteroMix: रूस की नई खोज
- डेवलपर: National Medical Research Radiology Center (NMRRC) और Engelhardt Institute of Molecular Biology
- कैसे काम करता है: यह वैक्सीन चार सुरक्षित वायरस का मिश्रण है, जो ट्यूमर को नष्ट करने के साथ इम्यून सिस्टम को सक्रिय करता है।
- पहला टारगेट: कोलोरेक्टल कैंसर
- अगले स्टेप्स: ग्लियोब्लास्टोमा और मेलानोमा के लिए नए वर्ज़न
शुरुआती ट्रायल और नतीजे
| चरण | समय | प्रतिभागी | नतीजे |
|---|---|---|---|
| प्रीक्लिनिकल | पूरा | – | सुरक्षित और असरदार |
| फेज-1 | जून 2025 | 48 मरीज | ट्यूमर सिकुड़े, ग्रोथ धीमी हुई |
रूसी अधिकारियों ने शुरुआती चरण में इसे “100% प्रभावी” बताया है, लेकिन ध्यान देने वाली बात है कि यह अभी केवल छोटे पैमाने पर हुआ परीक्षण है।
mRNA पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन
- डेवलपर: Gamaleya Center (स्पुतनिक V कोविड वैक्सीन के निर्माता)
- पहला फोकस: मेलानोमा
- टाइमलाइन: सितंबर–अक्टूबर 2025 से मरीजों पर शुरुआती उपयोग
यह वैक्सीन हर मरीज के ट्यूमर की जेनेटिक प्रोफाइल के आधार पर बनाई जाएगी।
भारत में कब और कैसे मिलेगी यह वैक्सीन?
फिलहाल EnteroMix और mRNA वैक्सीन सिर्फ रूस के क्लिनिकल ट्रायल्स में उपलब्ध हैं। भारत में इसके आने के संकेत अभी तक नहीं मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर रूस में इसे आधिकारिक मंजूरी मिल जाती है और बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू होता है, तो भारत सरकार और फार्मा कंपनियां आयात पर विचार कर सकती हैं।
पिछले कुछ सालों में भारत और रूस के बीच मेडिकल सहयोग बढ़ा है (जैसे कोविड-19 स्पुतनिक V वैक्सीन की सप्लाई)। ऐसे में संभावना है कि कैंसर वैक्सीन भी भविष्य में भारत में ट्रायल या इम्पोर्ट के जरिए पहुंच सके। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक तारीख या घोषणा की पुष्टि नहीं हुई है।
एक्सेस कैसे मिलेगा?
- अभी यह वैक्सीन रूस के NMRRC और Gamaleya Center के ट्रायल्स तक सीमित है।
- मरीजों को नामांकन के लिए कैंसर डायग्नोसिस और सेंटर की शर्तें पूरी करनी होती हैं।
- ऑनलाइन खरीदने की कोशिश पूरी तरह फर्जी और जोखिमभरी हो सकती है।
रूस का दावा और अगला कदम
FMBA प्रमुख वेरोनिका स्क्वॉर्त्सोवा का कहना है कि वैक्सीन बार-बार इस्तेमाल के लिए सुरक्षित है और लंबे समय तक असर दिखा सकती है।
अगला कदम होगा रूस के हेल्थ रेग्युलेटर्स से ग्रीन सिग्नल। अगर मंजूरी मिल गई, तो यह दुनिया की पहली पर्सनलाइज्ड कैंसर वैक्सीन बन सकती है।
निष्कर्ष
रूस की EnteroMix और mRNA वैक्सीन कैंसर के खिलाफ एक बड़ी छलांग मानी जा रही है। शुरुआती नतीजे उत्साहजनक हैं, लेकिन अभी यह यात्रा शुरुआती चरण में है। भारत में उपलब्धता पर सबकी नजर है, पर जब तक रूस से औपचारिक मंजूरी और उत्पादन नहीं होता, तब तक भारतीय मरीजों के लिए इसका रास्ता खुलना मुश्किल है।


